Religion: શનિદેવના આશીર્વાદ મેળવવા માટે શનિવારની પ્રાર્થના દરમિયાન આ મંત્રોનો જાપ કરો

સોર્સ : GSTV
શનિવારે શનિદેવની પૂજા કરવાનો રિવાજ છે. એવું માનવામાં આવે છે કે આ દિવસે પૂજા અને ઉપવાસ કરવાથી શાંતિ અને સુખ મળે છે. તેથી, સાંજે પીપળાના ઝાડ સામે સરસવના તેલનો દીવો પ્રગટાવો.
પછી તેની સાત વાર પરિક્રમા કરો. ભગવાન શનિદેવના 108 નામોનો જાપ કરો. અંતે, આરતી કરો.
એવું કહેવાય છે કે આ મંત્રોનો જાપ કરવાથી શનિદેવના આશીર્વાદ મળે છે.તે શનિદેવની સાડે સતી,ધૈય્ય અને મહાદશાના નકારાત્મક પ્રભાવોથી પણ રાહત આપે છે. તો, ચાલો વાંચીએ:
શનિદેવના 108 નામ.
ऊँ शनैश्चराय नमः
ऊँ शान्ताय नमः
ऊँ सर्वाभीष्टप्रदायिने नमः
ऊँ शरण्याय नमः
ऊँ वरेण्याय नमः
ऊँ सर्वेशाय नमः
ऊँ सौम्याय नमः
ऊँ सुरवन्द्याय नमः
ऊँ सुरलोकविहारिणे नमः
ऊँ सुखासनोपविष्टाय नमः
ऊँ सुन्दराय नमः
ऊँ घनाय नमः
ऊँ घनरूपाय नमः
ऊँ घनाभरणधारिणे नमः
ऊँ घनसारविलेपाय नमः
ऊँ खद्योताय नमः
ऊँ मन्दाय नमः
ऊँ मन्दचेष्टाय नमः
ऊँ महनीयगुणात्मने नमः
ऊँ मर्त्यपावनपदाय नमः
ऊँ महेशाय नमः
ऊँ छायापुत्राय नमः
ऊँ शर्वाय नमः
ऊँ शततूणीरधारिणे नमः
ऊँ चरस्थिरस्वभा वाय नमः
ऊँ अचञ्चलाय नमः
ऊँ नीलवर्णाय नम:
ऊँ नित्याय नमः
ऊँ नीलाञ्जननिभाय नमः
ऊँ नीलाम्बरविभूशणाय नमः
ऊँ निश्चलाय नमः
ऊँ वेद्याय नमः
ऊँ विधिरूपाय नमः
ऊँ विरोधाधारभूमये नमः
ऊँ भेदास्पदस्वभावाय नमः
ऊँ वज्रदेहाय नमः
ऊँ वैराग्यदाय नमः
ऊँ वीराय नमः
ऊँ वीतरोगभयाय नमः
ऊँ विपत्परम्परेशाय नमः
ऊँ विश्ववन्द्याय नमः
ऊँ गृध्नवाहाय नमः
ऊँ गूढाय नमः
ऊँ कूर्माङ्गाय नमः
ऊँ कुरूपिणे नमः
ऊँ कुत्सिताय नमः
ऊँ गुणाढ्याय नमः
ऊँ गोचराय नमः
ऊँ अविद्यामूलनाशाय नमः
ऊँ विद्याविद्यास्वरूपिणे नमः
ऊँ आयुष्यकारणाय नमः
ऊँ आपदुद्धर्त्रे नमः
ऊँ विष्णुभक्ताय नमः
ऊँ वशिने नमः
ऊँ विविधागमवेदिने नमः
ऊँ विधिस्तुत्याय नमः
ऊँ वन्द्याय नमः
ऊँ विरूपाक्षाय नमः
ऊँ वरिष्ठाय नमः
ऊँ गरिष्ठाय नमः
ऊँ वज्राङ्कुशधराय नमः
ऊँ वरदाभयहस्ताय नमः
ऊँ वामनाय नमः
ऊँ ज्येष्ठापत्नीसमेताय नमः
ऊँ श्रेष्ठाय नमः
ऊँ मितभाषिणे नमः
ऊँ कष्टौघनाशकर्त्रे नमः
ऊँ पुष्टिदाय नमः
ऊँ स्तुत्याय नमः
ऊँ स्तोत्रगम्याय नमः
ऊँ भक्तिवश्याय नमः
ऊँ भानवे नमः
ऊँ भानुपुत्राय नमः
ऊँ भव्याय नमः
ऊँ पावनाय नमः
ऊँ धनुर्मण्डलसंस्थाय नमः
ऊँ धनदाय नमः
ऊँ धनुष्मते नमः
ऊँ तनुप्रकाशदेहाय नमः
ऊँ तामसाय नमः
ऊँ अशेषजनवन्द्याय नमः
ऊँ विशेशफलदायिने नमः
ऊँ वशीकृतजनेशाय नमः
ऊँ पशूनां पतये नमः
ऊँ खेचराय नमः
ऊँ खगेशाय नमः
ऊँ घननीलाम्बराय नमः
ऊँ काठिन्यमानसाय नमः
ऊँ आर्यगणस्तुत्याय नमः
ऊँ नीलच्छत्राय नमः
ऊँ नित्याय नमः
ऊँ निर्गुणाय नमः
ऊँ गुणात्मने नमः
ऊँ निरामयाय नमः
ऊँ निन्द्याय नमः
ऊँ वन्दनीयाय नमः
ऊँ धीराय नमः
ऊँ दिव्यदेहाय नमः
ऊँ दीनार्तिहरणाय नमः
ऊँ दैन्यनाशकराय नमः
ऊँ आर्यजनगण्याय नमः
ऊँ क्रूराय नमः
ऊँ क्रूरचेष्टाय नमः
ऊँ कामक्रोधकराय नमः
ऊँ कलत्रपुत्रशत्रुत्वकारणाय नमः
ऊँ परिपोषितभक्ताय नमः
ऊँ परभीतिहराय नमः
ऊँ भक्तसंघमनोऽभीष्टफलदाय नमः।
નોંધ:- આ લેખમાં આપવામાં આવેલી તમામ માહિતી વિવિધ સ્રોતો જેવા કે - પંચાંગો/ ઉપદેશો/ ધાર્મિક માન્યતાઓ/જ્યોતિષીઓ/ શાસ્ત્રોમાંથી સંકલિત કરવામાં આવી છે અને તમને પ્રસારિત કરવામાં આવી છે. અમારો હેતુ માત્ર માહિતી પૂરી પાડવાનો છે. GSTV આની પુષ્ટિ નથી કરતું. તેના માટે કોઈ નિષ્ણાતનું માર્ગદર્શન લેવું.

